tag:blogger.com,1999:blog-13053295.post1982747726851774442..comments2007-03-01T07:52:40.011-08:00Comments on * लखनवी *: नामों का चक्कर.अतुल श्रीवास्तवhttp://www.blogger.com/profile/17285074473402112374noreply@blogger.comBlogger4125tag:blogger.com,1999:blog-13053295.post-8332532276706927052007-03-01T07:52:00.000-08:002007-03-01T07:52:00.000-08:00अरे पुनीत और सुनीत कहीं और क्यों जायें - चिट्ठा जग...अरे पुनीत और सुनीत कहीं और क्यों जायें - चिट्ठा जगत भी कहाँ कम है? कभी तो कोई अनूप हो जाता है और कभी फुरसतिया? अब हम क्या बुलायें उन्हें समझ ही नहीं आता! कोई बात नहीं - हमें तो उनके दोनों ही नामों में आनन्द है।<BR/><BR/>क्यों भाई अनूप जी (ओफ्फो.. वही फुरसतिया जी)!<BR/><BR/>अतुल जी, आपसे पूछे गये प्रश्नों की प्रतीक्षा है। संदर्भ लें <A HREF="antarim.blogspot.com/2007/02/quiz-blogs-movies-books-wish.html" REL="nofollow">प्रश्नव्यूह - चिट्ठे, फिल्में, पुस्तकें और वरदान</A>। कष्ट (यदि हो तो) के लिये क्षमा।राजीवhttp://www.blogger.com/profile/04166822013817540220noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-13053295.post-87697730083033490242007-02-28T18:19:00.000-08:002007-02-28T18:19:00.000-08:00ठीकै है! नाम में का धरा है! लेकिन ई लेख और लम्बा ह...ठीकै है! नाम में का धरा है! लेकिन ई लेख और लम्बा होना चाहिये था। फोन करके आऒ फिर लिखो!अनूप शुक्लाhinidni.com/fursatiyanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-13053295.post-77640185590695389612007-02-27T21:00:00.000-08:002007-02-27T21:00:00.000-08:00'बम्बई' से 'मुंबई', 'मद्रास' से 'चेन्नई', 'बंगलोर'...'बम्बई' से 'मुंबई', 'मद्रास' से 'चेन्नई', 'बंगलोर' से 'बंगलूरू', 'कलकत्ता' से 'कोलकाता' इस तरह से हम अब धीरे धीरे स्वदेशी हो तो रहे हैं. <BR/><BR/>बस एक 'दमदार' पार्टी अब इस मुद्दे पर भी चुनाव लड़ कर सत्ता में आ जाये कि 'इंडिया' को 'भारत' नाम देना है! बस फिर सब ठीक हो जायेगा.अनुराग श्रीवास्तवhttp://www.blogger.com/profile/03416309171765363374noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-13053295.post-57002557206427633352007-02-27T17:06:00.000-08:002007-02-27T17:06:00.000-08:00वाह वाह एकदम सटीक व्यंग्य। “यहाँ भी दूसरे नाम को छ...वाह वाह एकदम सटीक व्यंग्य। <BR/><BR/><B>“यहाँ भी दूसरे नाम को छोड़ना शुरू कर दिया है. अब देखो न टीवी कार्यक्रम का नाम रखा गया है ‘शाबाश इंडिया’ गाना लिखा गया है ‘आई लव माई इंडिया, वतन मेरा इंडिया..’”</B><BR/><BR/>क्या खूब बात कही। सच में 'इंडिया' में भी अब 'इंडिया' को 'इंडिया' ही कहने लगे हैं।Shrishhttp://www.blogger.com/profile/15264688244278112743noreply@blogger.com