इतनी सरलता, सहजता और संवेदना से मैं भी ये विचार व्यक्त नहीं कर सकता था....
सच कह रहे हैं बहुत सशक्त अभिव्यक्ति है. मैने जब यह फिल्म देखी थी तब भी हिन्दी अंग्रेजी के इस विचार से बहुत प्रभावित हुआ था. आभार यह फिर से दिखलवाने के लिये.
हृषिकेश मुखर्जी की खासियत थी यह - बड़ी सी बात को बहुत सीधे और सहज तरीके से कह गुजरते थे, बिना भारी भरकम शब्दों का प्रयोग किये हुये.शायद इसीलिये अपनी सी लगती थीं, दिल के करीब. याद है 'अभिमान' में जया भादुड़ी का यह संवाद 'बाबा कहते हैं कि श्रद्धा में ही सब कुछ है, बहस में नहीं. मानो तो भगवान नहीं तो पत्थर.'
Bahut dinon ke baad phir yaad taaza ho gayi. Shaayad Roorkee mein dekhi thi. Saaf, Belaag aur sacchi baat....Tab bhi aur aaj bhi.
बहुत सही कहा आपने।मैं आपकी बात से पूरी तरह से इत्तेफाक रखता हूं।
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4 टिप्पणियाँ:
सच कह रहे हैं बहुत सशक्त अभिव्यक्ति है. मैने जब यह फिल्म देखी थी तब भी हिन्दी अंग्रेजी के इस विचार से बहुत प्रभावित हुआ था. आभार यह फिर से दिखलवाने के लिये.
हृषिकेश मुखर्जी की खासियत थी यह - बड़ी सी बात को बहुत सीधे और सहज तरीके से कह गुजरते थे, बिना भारी भरकम शब्दों का प्रयोग किये हुये.
शायद इसीलिये अपनी सी लगती थीं, दिल के करीब.
याद है 'अभिमान' में जया भादुड़ी का यह संवाद 'बाबा कहते हैं कि श्रद्धा में ही सब कुछ है, बहस में नहीं. मानो तो भगवान नहीं तो पत्थर.'
Bahut dinon ke baad phir yaad taaza ho gayi. Shaayad Roorkee mein dekhi thi. Saaf, Belaag aur sacchi baat....Tab bhi aur aaj bhi.
बहुत सही कहा आपने।
मैं आपकी बात से पूरी तरह से इत्तेफाक रखता हूं।
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