मंगलवार, मार्च 13, 2007

समस्या का हल.

सर्व प्रथम हार्दिक धन्यवाद उन सभी पाठकों को जिन्होंने मेरी समस्या को ध्यान पूर्वक पढ़ कर मुझे अपने अनमोल सुझाव दिये.

खैर पिछले कई दिनों से ऑफिस में मैं थोड़ा सुस्त सुस्त और गमगीन सा लग रहा था. मेरे बगल में बैठने वाले सहकर्मी जेफ़ (Jeff – Jefferson का छोटा रूप) से शायद ये सब सहा नहीं गया और कल मेरे कमरे में आ टपका, चिंता दिखाते हुये पूछा, “अटूल, क्या बात है? आज कल थोड़ा परेशान दिखाई दे रहे हो. घर में सब खैरियत तो है?”

(वार्तालाप अंग्रेजी में हुई थी. यहाँ उसका हिन्दी अनुवाद प्रस्तुत किया जा रहा है.)

मैं: “बात तो घर की ही है. पर तुम्हारे पल्ले नहीं पड़ेगी.”

जेफ़: “जरूर कोई पेंचीदा इंडियन फ़ैमिली मामला होगा. पर बताओ तो सही. समझने की कोशिश करूँगा.”

मैंने जेफ़ से कुर्सी खींच कर आराम से बैठने को कहा क्यों कि इस समस्या को एक अमरीकी दिमाग को समझाने में एक या दो घंटे लगने ही वाले थे. शुरुआत की गयी पुनर्जन्म पर बीस मिनट के एक छोटे से पाठ से और अंत हुआ एक घंटे और नौ मिनट के बाद समस्या को सफलता पूर्वक समझाने से.

जेफ़: “अब मेरी समझ में आया कि अधिकतर हिन्दुस्तानी शकल से दुखी क्यों लगते हैं, शाम को हम लोगों के साथ बार में क्यों नहीं जाते हैं और आठ घंटे में से चार घंटे तक किससे फोन पर लगे रहते हैं. बेचारे इस जनम ही नहीं पर अगले जनम की भी सोच कर परेशान होते रहते हैं. तुम्हें ये नहीं पता कि जीवन का असली आनन्द कैसे उठाया जाये. तुम लोगों को हम अमेरिकन से कुछ सीखना चाहिये. अरे अगले जन्म को मारो गोली, कम से कम इस जन्म में तो ढंग से जियो. एक ही बीबी के पीछे कब तक पड़े रहोगे. अब मुझको देखो – अपने जीवन के अड़तालिस सालों में मैं एक बीबी छोड़ चुका हूँ, डेढ़ बीबीयाँ मुझे छोड़ चुकी हैं और आज शाम को बार में कैथी से मिलने जा रहा हूँ.”

मैं: ये डेढ़ बीबी का चक्कर समझ में नहीं आया.

जेफ़: एक कानूनी शादी वाली बीबी ने छोड़ा और एक साथ मैं बिना शादी के दो साल तक रहा, दो सालों के बाद वो भी मुझे छोड़ कर किसी और के साथ निकल गयी. इस लिये दूसरी वाली को आधी बीबी ही मानता हूँ क्यों कि उससे शादी जो नहीं हुई थी. और एक तुम हो एक ही के साथ अगला जन्म भी बिताना चाहते हो – अरे तुमको कोई बॉलीवुड की मूवी की स्क्रिप्ट लिखनी है?

मैंने मन ही मन सोचा कि बन्दे की बात में दम है – कह सही रहा है. ये सोचना भर ही था कि भारतवर्ष का नक्शा; माता पिता की तस्वीरें; काली, दुर्गा और चण्डी की मूर्तियाँ; अट्ठाहस मारते हुये मिनमिखिया रिश्तेदारों के चेहरे; राम, भरत, विष्णु और गणेष के रंग बिरंगे चित्र, और न जाने क्या क्या मेरी आँखों के सामने कौंध गये.

मैंने एक डरे हुये मेमने की तरह मिमियाते हुये कहा: “यार ये सब मुझसे नहीं होगा.”

जेफ़: कोई नहीं, मेरे पास एक बेजोड़ आईडिया है. बुरा नहीं मानना पर इस मुसीबत से छुटकारा पाने के लिये इस जन्म में ना सही पर अगले जन्म में तुम्हें या तुम्हारी बीबी को अमरीकन बनना ही पड़ेगा.

मैं: मंजूर है और कोई चारा भी नहीं नज़र आ रहा है.

जेफ़: तो जैसा बीबी चाहती है वैसा ही करो. अपने भगवान के सामने जाओ, बीबी को भी साथ ले जाओ और जोर जोर से कहो – हे भगवान मुझे अगले जनम में भी यही बीबी चाहिये. पर भगवान अगले जन्म में हम दोनों को अमरीकन बनाना. अगर दोनों को न अमरीकन बना पाओ तो कम से कम मेरी बीबी को अमरीकन जरूर बनाना. बस – तुम्हारी समस्या खलास.

मैं: हैं? इससे मेरी समस्या का हल कैसे होगा?

जेफ़: अरे भैय्या अगर अगले जन्म में तुम दोनों अमरीकन हुये तो मैं गारण्टी के साथ कह सकता हूँ कि तुम्हारे अगले जन्म की शादी दो या तीन साल से ज्यादा नहीं टिकेगी. और, मान लो कि तुम अगले जन्म में हिन्दुस्तानी ही हुये पर बीबी अमरीकन हुयी तो भैय्या तुमको तो कोई मेहनत करनी ही नहीं पड़ेगी – बीबी खुद ही तुमको कुछ महीनों में छोड़ कर रफूचक्कर हो जायेगी.

मैं तुरंत जेफ़ के पैरों में गिर पड़ा. कमीज की बाँह से आँसू पोंछते हुये मैंने दोनों हाथ उठा कर ऊपर वाले को धन्यवाद दिया कि उसने जेफ़ जैसे ज्ञानी को मेरे बगल वाला कमरा दिया. और, एक बार फिर एक आम असहाय भारतीय को मुसीबत से बचाने के लिये एक गोरा ही काम आया.

** जेफ़ का दूसरा सुझाव ये था: भगवान अगले जन्म में भी हम दोनों की शादी हो बस सिर्फ रोल उलट देना. यानि कि मैं लड़की पैदा हूँ और बीबी बनूँ; और बीबी लड़का पैदा हो कर पति बन जाये. फिर अपने दिल की सारी भड़ास निकाल लेना – और, तब तक तो डेटाबेस टेक्नलॉजी भी काफी तरक्की कर जायेगी. पर मैं पहले वाले सुझाव पर ही अमल करने जा रहा हूँ.
*****

8 टिप्‍पणियां:

संजय बेंगाणी ने कहा…

तथास्तु

Tarun ने कहा…

Bahul Khoob!!!

आशीष ने कहा…

हम्म , अब हम सोच रहे है कि हम क्या करें ? अब तक तो हम छडे है.....

manisha ने कहा…

Jeff ka patni se bacho idea to bahut jordar hai par kya Jeff ne ye bataya ki patni ke chor jane se pahle aap ko aap ke kitne baap ya maye chor jayege agar aap America me janam lete hai........shayad ek ke baad ek ma-baap ke badalte jane ka dukha ek hi patni ke saath rahne ke dukha se mana bara hoga....isliye hi bhaiya kaha gaya hai...
"door ke dhol suhane"......bechra Jeff ki to poori kamayi alimony me hi chali jati hogi...poocha kar hamko bhi bataye...auraap ye baat socha kar khusha rahe
'

ratna ने कहा…

interesting situation and good write-up but I must say maisha has raised a good point.

DR PRABHAT TANDON ने कहा…

अतुल भाई, मामला तो वाकई मे बहुत गभीर है।

अनुराग श्रीवास्तव ने कहा…

जेफ़ भगवान की जय हो!

आपके 'देवी शरणम् गच्छामि' वले लेख के अनुरूप इस बार भी गौर वर्णीय जेफ़ भगवान ने ही श्याम वर्णीय भारतीय की नैया पार लगायी।

कुछ भी कहो भाई गोरी चमड़ी में दम तो है ;-)।

अनुराग श्रीवास्तव ने कहा…

मैं ने भी गोरा बनने का प्रयास शुरू कर दिया है, बगल वाली परचून की दुकान से "फ़ेयर एण्ड हैंडसम" का पूरा कार्टन मंगवा भेजा। मुल्तानी मिट्टी, संतरे का छिलका, खीरा, बेसन आदि के फ़ेस पैक भी चल रहे हैं साथ साथ - पूरा विश्वास है कि यह सब अपना रंग अवश्य दिखायेंगे।